Rahat Indori 50+ Best Shayari in Hindi - Main Jab Mar Jawu By Rahat Indori

दोस्तों, आज मै आपके लिक दिग्गज शायर Rahat Indori Sahab के यादगार शेर व शायरी आपके लिए लेके आया हूँ। जिसे आप अपने Friends & Family को Share कर सकते. Rahat Indori 50+ Best Shayari का ये गुलदस्ता आपको पसंद आए तो Comments जरूर करे। 

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Rahat Indori 50+ Best Shayari In Hindi Lyrics 


मैं जब मर जाऊं तो मेरी अलग पहचान लिख देना  लहू से मेरी पेशानी पर हिंदुस्तान 🇮🇳 लिख देना ॥ Rahat Indori ॥

दो गज सही मगर ये मेरी मिल्कियत तो है,  ऐ मौत तूने मुझको जमींदार कर दिया. ॥ Rahat Indori ॥

अफवाह थी की मेरी तबियत ख़राब है लोगों ने पूछ पूछ के बीमार कर दिया. ॥ Rahat Indori ॥

ये ज़िंदगी जो मुझे क़र्ज़-दार करती रही  कहीं अकेले में मिल जाए तो हिसाब करूँ ॥ Rahat Indori ॥

एक ही नदी के हैं ये दो किनारे दोस्तों  दोस्ताना ज़िंदगी से मौत से यारी रखो ॥ Rahat Indori ॥

बीमार को मरज़ की दवा देनी चाहिए मैं पीना चाहता हूं पिला देनी चाहिए ॥ Rahat Indori ॥

किसने दस्तक दी, कौन है  आप तो अंदर है बाहर कौन है. ॥ Rahat Indori ॥

वो चाहता था कि कासा ख़रीद ले मेरा, मैं उस के ताज की क़ीमत लगा के लौट आया. ॥ Rahat Indori ॥

मैं ताज हूं तो ताज को सर पर सजाएँ लोग  मैं ख़ाक हूं तो ख़ाक उड़ा देनी चाहिए  ॥ Rahat Indori ॥

अजीब लोग हैं मेरी तलाश में मुझ को  वहाँ पे ढूँढ रहे हैं जहां नहीं हूँ मैं  ॥ Rahat Indori ॥

ये हादसा तो किसी दिन गुजरने वाला था मैं बच भी जाता तो एक रोज मरने वाला था ॥ Rahat Indori ॥

हों लाख ज़ुल्म मगर बद-दुआ' नहीं देंगे  ज़मीन माँ है ज़मीं को दग़ा नहीं देंगे  ॥ Rahat Indori ॥

शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम  आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे ॥ Rahat Indori ॥

अब ना मैं हूँ ना बाक़ी हैं ज़माने मेरे, फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे ॥ Rahat Indori ॥

सभी का खून है शामिल यहां की मिट्टी में किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है. ॥ Rahat Indori ॥

अंदर का ज़हर चूम लिया धुल के आ गए कितने शरीफ़ लोग थे सब खुल के आ गए ॥ Rahat Indori ॥

मैं जानता हूं दुश्मन भी कम नहीं, लेकिन हमारी तरह हथेली पर जान थोड़ी है. ॥ Rahat Indori ॥

बादशाहों से भी फेंके हुए सिक्के न लिए  हम ने ख़ैरात भी माँगी है तो ख़ुद्दारी से ॥ Rahat Indori ॥

हम से पहले भी मुसाफ़िर कई गुज़रे होंगे कम से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते ॥ Rahat Indori ॥

जनाज़े पर मिरे लिख देना यारो  मोहब्बत करने वाला जा रहा है ॥ Rahat Indori ॥

दोस्ती जब किसी से की जाए दुश्मनों की भी राय ली जाए ॥ Rahat Indori ॥

मेरे हुजरे में नहीं और कहीं पर रख दो आसमां लाए हो ले आओ ज़मीं पर रख दो ॥ Rahat Indori ॥

ये बूढ़ी क़ब्रें तुम्हें कुछ नहीं बताएँगी, मुझे तलाश करो दोस्तो यहीं हूँ मैं. ॥ Rahat Indori ॥

लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूं हैं, इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूं हैं । ॥ Rahat Indori ॥

आंख में पानी रखो होंटों पे चिंगारी रखो ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो. ॥ Rahat Indori ॥
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