Darood Sarif Aur Mufid Dua in Hindi | दुरूद शरीफ़ और मुफीद दुआयें हिन्दी

दोस्तो, आज हम Islamic भाईयो के लिए Darood शरीफ और 21 मुफीद दुआ लाए है वो भी हिन्दी में जिसे आप पढ़ भी सकते और साथ में आने वाले टाइम में use करने के लिए copy Paste करके mobile में Save रख सकते है. अपने दोस्तों और साथियों तक जरूर शेयर करे. 


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Darood Sarif Aur Mufid Dua in Hindi | दुरूद शरीफ़ और मुफीद दुआयें हिन्दी में.

(1) सल्लल्लाहु अलन्नबीयिल उम्मीयि व आलिही सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सलातौं वसलामन अलय क या रसूलुल्लाह । इस दुरूद शरीफ़ को बाद नमाज़ जुमा दस्त बस्ता मदीना | मुनव्वरह की तरफ़ मुतवज्जिह होकर सौ बार पढ़े दीन व दुनियां की बेशुमार नेमतों से सरफ़राज़ हो ।
(2) पहले दाहिना क़दम रखकर मस्जिद में दाखिल हो और यह दुआ पढ़े। “अल्लाहुम्मफ़ तहू ली अबवा ब रह् मतिक"
(3) पहले बांया क़दम मस्जिद से निकाले और यह दुआ पढ़े। “अल्लाहुम्म इन्नी असअलु क मिन फ़जलि क व रमतिक"
(4) चांद देख कर यह दुआ पढ़े। “अल्लाहुम्म अहिल्लहु अलयना बिल अम ने वल ईमान वस्सलामति वल इस्लाम रब्बी व रब्बुकललाहु या हिलाल ।
(5) जब बुरा ख्वाब देखे और जग जाए तो तीन बार “अऊजु बिल्लाहि मिनश्शयता निर्रजीम" पढ़े और तीन बार बायें तरफ थूके फिर सोना चाहे तो करवट बदल कर सोये ।
(6) जब आसमान से तारा टूटता हुआ देखे तो निगाह नीची कर ले और यह दुआ पढ़े “माशअल्लाहु लाही ल वला कूवत इल्ला बिल्लाह ।
(7) अंधे, लंगड़े और कोढ़ी वगैरा किसी मुसीबत ज़दा को देखे तो यह दुआ पढ़े। मगर आशेबे चश्म (आंख उठना) जुकाम और खारिश के मरीज़ों को देख कर यह दुआ न पढ़ें कि इन बीमारियों से बदन की इसलाह होती है वह दुआ यह है । “अलहम्दु लिल्लाहिललजी आफ़ानी मिम्मबतला क बिही व | फ़ज्जलनी अला कसीरिम मिम्मन ख ल क तफ़ज़ीला "
(8) जब सोना चाहें तो यह दुआ पढ़ें। “अल्लाहुम्म बिइस्मिक अमृतु व अह् या" और दूसरे सभी अवराद से फारिग होकर सूरये काफिरून पूरी पढ़े और खामोश सो जाए । उसके बाद अगर बात चीत की ज़रूरत पड़ जाए तो दोबारा फिर पूरी सूरह पढ़ ले.
(9) जब नींद से बेदार हो (जागे) यह दुआ पढ़े। | "अलहम्दु लिल्लाहिल्लजी अहू याना बअद मा अमातना व इलयहिन्नुशूर।”
(10) ज़हरीले जानवरों से हिफाज़त की दुआ । “अऊजु बिकलिमातिल्लाहित्ताम्माति मिन शर्रिमा खलक़ " इस दुआ को जो सुबह के वक्त पढ़ ले तमाम दिन ज़हरीले जानवरों से महफूज रहेगा और जो शाम को पढ़ ले तो वह सुबह तक अमान में रहेगा ।
(11) कर्ज़ से सुबक्दोश (उत्तीर्ण) होने के लिए दुआ । “अल्लाहुम्म इकफ़िनी बिहलालि क अन हरामि क व अगनिनी बिफ़ज़लि क अम्मन सि वा क" हर नमाज़ के बाद ग्याहर ग्यारह बार और सुबह व शाम सौ सौ बार रोज़ाना अव्वल व आखिर दुरूद शरीफ। इसी दुआ की निस्बत मौला अली करमल्लाहु तआला वजतहहुल करीम ने फ़रमाया कि अगर तुझ पर पहाड़ के बराबर भी कर्ज होगा तू उसे अदा कर देगा
(12) बरकते रिज़्क के लिए अमल । “सुब्हानल्लाहि व विहम्दिही सुब्हानल्लाहिल अज़ीम व बिहम्दिही अस्तगफिरुल्लाह” रोजाना तुलूये सुबह के साथ ही सौ बार अव्वल व आखिर दुरूद शरीफ़ के साथ पढ़ा करें। बेहतर यही है कि नमाज़े फज्र से पहले पढ़े। वर्ना अगर जमाअत काइम हो जाए तो वादे नमाज़ बहर सूरत सूर्य निकलने से पहले पढ़ ले ।
(13) बाज़ार में दाखिल हो तो यह दुआ पढ़े। “ला इलाह इल्लल्लाहु वह दहू ला शरीक लहू लहुल्मुल्कु व लहुल्हम्दु युद्द यी व युमीतू व हु व हैय्युल्ला यमूतु बियदिहिल खैर व हु व अला कुल्लि शैइन क़दीर ।
(14) नया लिबास (वस्त्र) पहने तो यह दुआ पढ़े अल्हम्दु लिल्लाहिल्लजी कसानी मा उवारी बिही औरती व अ त जम्मलु बिही फी हयाती ।
(15) आईना देख कर पढ़े "अल्हम्दु लिल्लाहि अल्लाहुम्म कमा हस्सन त खल की फहस्सिन खुलकी"
(16) जब किसी को रुखसत करे तो यह दुआ पढ़े “अस्तौ दि उल्लाह दी न क व अमा न त क व खवाती म अ म लि क" सफर में जाते वक़्त अहबाब व अइज़्जा से रुखसत होते वक्त कहे “अस्तौदि उ कुमुल्ला हल्लजी ला युजीउ व दाइअह "
(17) वक्ते सफ़र यह दुआ पढ़े अल्लाहुम्म बि क असूलु व वि क अहूलु व विक असीर" जब सफ़र पर रवाना हो जाये तो यह दुआ पढ़े । “अल्लहुम्म इन्न नस्अलु क की स फ रिना हाजल बिर्र वत्तकवा व मिनल अ म लि मा तिरज़ा" फिर यह दुआ पढ़े अल्लाहुम्म हव्विन अलयना हाजस्स फ र वत विज़न्ना बुअदहू अल्लाहुम्म अन्तर साहि वु फिस्सरि वल खलीफतु फिल अहलि अल्लाहुम्म इन्नी अऊजु वि क मिंव व असाइस्स फ रि व कआ बतिल मन जरि व सूइल मुन के ल वि फ़िल मालि वल अलि वल व ल दि”
(18) सफ़र से वापसी पर यह दुआ पढ़े। “आइबू न ताइबू न आबिदू न लिरब्ब्निा हामिदू न”
(19) शहर में दाखिल होते वक्त पढ़े “अल्लाहुम्म बारिक लना फ़ीहा" तीन बार “अल्लाहुम्मरजुकना जनाहा व ह ब्निा इला अहलिहा व ह ब्बिव सालिही अहलिहा इलयना"
(20) जब मंज़िल पर पहुंचे यह दुआ पढ़े। | “रब्बि अनज़िलनी मुनज़लम्मुबारकन व अन त खयरुल्मुनज़िलीन"
(21) आंधी और अंधेरे के वक़्त की दुआ “अल्लाहुम्म इन्ना नस्अलु क मिन खयरि हाजिहिर्रीहि व खयरि मा फीहा व खयरी मा उमिरत बिहिव नऊजुबिक मिन | शर्रिहाजिहिर्रीहि व शर्रिमा फोहा व शरीमा उमिरतबिहि"
समाप्त 

बिऔनिही तआला सुम्न बिऔनिरसू लिहिल अअला जल्ल | जलालुहु व सल्लल्लाहु तआला अलैहि व सल्लम ।
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